बिहार के स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग की बड़ी तैयारी है। 38 जिलों में 38 शिक्षा अधिकारी स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। 3 महीने यानी 90 दिनों तक 80 हजार स्कूलों की जांच के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके आधार पर स्कूलों में पढ़ाई के तरीके में सुधार किया जाएगा। इस दौरान जिन स्कूलों में पढ़ाई की अच्छी व्यवस्था, शिक्षकों के व्यवहार, स्कूल प्रशासन की नई एक्टिविटी होगी, उसे प्रदेश के दूसरे स्कूलों में भी लागू किया जाएगा। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने 38 अधिकारियों को निर्देश दिया है कि निरीक्षण की प्रक्रिया स्कूल में जाकर करनी होगी।
इस दौरान शिक्षक, छात्र, कर्मचारी और आसपास रहने वाले लोगों से भी बातचीत करें। इसके आधार पर ही रिपोर्ट तैयार की जाएगी। निरीक्षण फर्जी होने पर अधिकारियों के खिलाफ ही कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले अक्टूबर में स्थानीय अधिकारी और कर्मचारी द्वारा निरीक्षण किया गया था। लेकिन घर बैठे ही रिपोर्ट तैयार की गई थी। जिसके बाद एक दर्जन अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की गई। स्कूलों की जांच मुख्यालय से मिली सूची के आधार पर होगी। एक दिन में कितने स्कूलों की जांच करनी है, इसकी सूची संबंधित अधिकारियों के पास भेजी जाएगी। निरीक्षण अधिकारी रैंडम ही स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। इससे स्कूलों को प्री प्लॉनिंग का समय नहीं मिलेगा। इससे वास्तविक स्थिति के बारे में पता चलेगा.
20 बिंदुओं को आधार बनाकर निरीक्षण किया जाएगा, पढ़ाई-खेल की जांच होगी
20 बिंदुओं को आधार बना करके निरीक्षण होगा। छात्र-शिक्षकों की उपस्थिति, स्वच्छता, पेयजल, स्कूलों में पढ़ाई के तरीके, सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल-कूद सहित 20 बिंदुओं के आधार पर जांच की जाएगी। साथ ही स्कूल के मासिक और अर्धवार्षिक रिजल्ट को भी ध्यान में रखा जाएगा।
तेज छात्र चिह्नित होंगे... निरीक्षण के दौरान तेज छात्रों
को चिन्हित किया जाएगा। छात्रों के कौशल की जांच होगी। यदि छात्र मानकों को पूरा करते हैं, तो उन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि छात्रवृत्ति मिल सके। प्रधानाध्यापक और शिक्षकों को भी निर्देश दिया जाएगा। उस छात्र को उदाहरण बना करके दूसरे छात्रों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
40 करोड़ रुपए स्वीकृत... स्कूलों में खेल पर विशेष
ध्यान के लिए स्कूल स्तर पर प्रतियोगिता कराई जाएगी। मशाल 2025 के लिए सरकार की तरफ से 40 करोड़ रुपए की स्वीकृत दी गई है। इसमें प्रखंड, जिला, मंडल स्तर और स्कूल स्तर के खिलाड़ियों को चुन करके प्रशिक्षित किया जाएगा।
स्कूलों में शिक्षा व अन्य सुविधाएं देखेंगे
स्कूलों में पठन-पाठन के साथ ही शिक्षक-छात्रों की उपस्थिति सहित अन्य सुविधाओं के लिए अधिकारी निरीक्षण करेंगे। इससे स्कूलों की वास्तविक स्थिति का पता चलेगा। जिससे सुधार किया जा सकेगा।
- सुनील कुमार, मंत्री, शिक्षा विभाग
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