मुजफ्फरपुर, प्रसं। सूबे में इस गर्मी ढाई हजार से अधिक स्कूलों में बच्चे प्यासे रहेंगे। दरअसल, सूबे के 2543 स्कूलों में पीने के पानी की सुविधा का अभाव है। इनमें केवल सरकारी ही नहीं, बल्कि निजी स्कूल भी शामिल हैं। सूबे के 1475 सरकारी और 1068 निजी स्कूल में पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध नहीं है। यू डायस 2024-25 के लिए दी गई रिपोर्ट से यह स्थिति सामने आई है।
मुजफ्फरपुर समेत कई जिले ऐसे जहां सरकारी से अधिक निजी स्कूलों में पानी का संकट है। जिले में 67 सरकारी और 56 निजी स्कूलों में पीने के पानी का इंतजाम नहीं है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक के स्कूलों में यह हाल हैं। हालांकि, अधिकारियों का दावा है कि सभी स्कूलों में पानी का इंतजाम है। रिपोर्ट में गड़बड़ी है। डीईओ अजय कुमार सिंह ने कहा कि भवन व भूमिहीन स्कूलों ने रिपोर्ट देने में गड़बड़ी की है। सभी स्कूलों मे पीने के पानी की व्यवस्था है।
गोपालगंज, सहरसा समेत 10 जिलों में यह संख्या तीन से पांच फीसदी तक सूबे में गोपालगंज, सहरसा समेत 10 जिले ऐसे हैं जहां तीन से पांच फीसदी तक स्कूलों में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। सबसे खराब स्थिति गोपालगंज में है जहां 5.63 फीसदी स्कूलों में पेयजल का इंतजाम नहीं है। यहां के 2503 स्कूलों में 141 में बच्चों
को पीने का पानी उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा, सहरसा में 5.12 फीसदी, सुपौल में 4.89 फीसदी, पूर्वी चंपारण में 4.31 फीसदी, गया में 4.29 फीसदी, प.चम्पारण में 3.49 फीसदी स्कूलों में पीने का पानी नहीं है।
सबसे बेहतर स्थिति जहानाबाद जिले में है। यहां 6 स्कूल में ही पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा, अरवल, भागलपुर में भी 0.52 फीसदी स्कूलों में ही यह असुविधा है।
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